
अब गांव-गांव घूमेंगे नेताजी विधायक जी और सांसद महोदय तो अगर आप भी गांव में रहते हैं तो खुश हो जाइए क्योंकि आपके घर भी बड़े दल के कई बड़े चेहरे पहुंच सकते हैं । अब आप सोचते होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया की नेता विधायक सांसद गांव में घूमेंगे तो भैया चुनाव का वक्त है ये क्यों भूल जाते हैं आप और अब नेताजी चुनाव में आपके घर नहीं जाएंगे तो भला कब जाएंगे? और इसकी शुरुआत कोई और नहीं बल्कि देश की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा ने कर दी है। भाजपा के विधायक और सांसद महोदय आपके घर पहुंचेंगे ,आपसे मुलाकात करेंगे और आपका हाल-चाल लेंगे.. तभी ना आप उनको वोट देंगे तो चलिए अब आते हैं असल मुद्दे पर तो BJP के 75वें स्थापना दिवस के मौके पर पार्टी ने कई बड़े चुनावी अभियानों की शुरुआत करने का निर्णय लिया है। यह अभियान न केवल संगठनात्मक रूप से पार्टी को सशक्त करेगा, बल्कि आगामी चुनावों की तैयारियों को भी धार देगा। पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर 6 अप्रैल से बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक “बीजेपी पखवारा” मनाया जाएगा।
इतना ही नहीं बल्कि इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा के विधायक, सांसद और भी कई बड़े चेहरे 10 से 12 अप्रैल तक बिहार के गांव-गांव में पहुंचेंगे। यह अभियान “चलो गांव की ओर” नाम से आयोजित किया जाना है।
इस बारे में जानकारी देते हुए बिहार बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान भाजपा के विधायक, सांसद और बाकी सीनियर नेता 10 से 12 अप्रैल तक बिहार के गांव-गांव में पहुंचेंगे। यह अभियान “चलो गांव की ओर” नाम से आयोजित किया जाएगा।
BJP का ये अभियान ग्रामीण स्तर पर पार्टी की उपस्थिति और पकड़ को मजबूत करेगा। इस अभियान के तहत पार्टी के नेता ग्रामीण इलाकों में जाकर लोगों से संवाद करेंगे और उन्हें बीजेपी की नीतियों और योजनाओं के बारे में बताएंगे। इसके साथ ही वे लोगों से जुड़ी समस्याओं का भी समाधान करेंगे। दिलीप जायसवाल ने कहा कि इस पहल से पार्टी न केवल अपने कार्यकर्ताओं को प्रेरित करेगी बल्कि ग्रामीण जनता को भी यह संदेश देगा कि बीजेपी उनके हितों के लिए काम कर रही है।
दिलीप जायसवाल ने प्रदेश संगठन से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा कि बिहार बीजेपी जल्द ही प्रदेश कार्यसमिति का गठन करेगी। हालांकि, उन्होंने इस प्रक्रिया के लिए कोई निश्चित समय सीमा का उल्लेख नहीं किया, लेकिन यह साफ किया कि पार्टी अपनी संरचना को और मजबूत करने के लिए तत्पर है। यह कदम संगठन को और अधिक सशक्त बनाने में मदद करेगा, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी को बेहतर स्थिति में लाया जा सके।
इस दौरान दिलीप जायसवाल ने विपक्ष को निशाना भी बनाया, खासतौर पर बिहार में वक्फ बोर्ड के मुद्दे पर। उन्होंने कहा कि लालू यादव के बिना तेजस्वी यादव की कोई पहचान नहीं है, और यह बात हर किसी को समझनी चाहिए। उन्होंने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं और उनका नेतृत्व कमजोर है। वहीं, उन्होंने अपने खुद के संघर्ष का हवाला देते हुए कहा कि “मेरे पिता कुछ नहीं थे, लेकिन बीजेपी ने मुझे प्रदेश अध्यक्ष बनाया।”
दिलीप जायसवाल ने वक्फ बोर्ड के प्रबंधन में सुधार का वादा किया। उन्होंने कहा कि पहले वक्फ बोर्ड का पैसा कुछ लोगों के जेब में चला जाता था, लेकिन अब इसमें पारदर्शिता लाने की पूरी कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि वक्फ का प्रबंधन अब बेहतर तरीके से किया जाएगा। पहले इसमें जो भ्रष्टाचार था, अब उसे खत्म किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ बोर्ड की आय में वृद्धि होगी और यह राशि मुस्लिम समाज के विकास में खर्च की जाएगी।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 में वक्फ बोर्ड की आय 166 करोड़ थी, जो 2023-24 में घटकर सिर्फ 14 करोड़ रह गई है। दिलीप जायसवाल ने कहा कि सच्चर कमिटी ने कहा था कि वक्फ की आय कम से कम 12,000 करोड़ होनी चाहिए थी, लेकिन यह अब तक नहीं हुआ। अब बीजेपी के नेतृत्व में वक्फ बोर्ड के राजस्व में वृद्धि की दिशा में काम किया जाएगा, जिससे इसका फायदा मुस्लिम समुदाय को होगा।
6 अप्रैल को बीजेपी का स्थापना दिवस है। इस अवसर पर पार्टी राज्यभर में एक सप्ताह तक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता और नेता 70 साल की बीजेपी यात्रा की प्रदर्शनी लगाएंगे, जो पार्टी के सफर को दर्शाएगी। सभी जिला मुख्यालयों में इन प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा और कार्यालयों को भव्य तरीके से सजाया जाएगा। दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह समय है जब भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता पार्टी के उद्देश्यों और दृष्टिकोण को लेकर जनता के बीच जाएगा। इसके साथ ही बूथ स्तर पर पार्टी के झंडे भी लगाए जाएंगे, ताकि पार्टी की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस हो सके। प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अब विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह दावा किया कि बीजेपी ने देश को प्रौद्योगिकी, बुनियादी ढांचे और सामाजिक न्याय में बड़ी उपलब्धियां दिलवाई हैं। बिहार में बीजेपी का यह स्थापना दिवस कार्यक्रम पार्टी के समर्थकों को प्रेरित करने और आगामी चुनावों के लिए एक नई दिशा देने का काम करेगा।
तो कुछ इसी तरह, बीजेपी का स्थापना दिवस बिहार में एक बड़े चुनावी अभियान की शुरुआत करेगा, जो पार्टी को चुनावी तैयारियों में और अधिक मजबूत बनाएगा।